Kushabhau Thakre University

Kushabhau Thakre University
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Tuesday, 15 January 2013


पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हिन्दी पत्रकारिता के बदलते आयाम पर संगोष्ठी आयोजित।

रायपुर।कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सोमवार 14 जनवरी को जनसंचार विभाग द्वार हिन्दी पत्रकारिता के बदलते आयाम विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता वरिष्ठ  पत्रकार एवं निर्देशक विकासशील समाज एवं अध्ययनपीठ (सी.एस.डी.एस) नई दिल्ली से श्री अभय कुमार दुबे रहें। तथा अध्ययक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डा. सच्चितानंद जोशी ने किया। वरिष्ठ अतिथी के रूप में छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंच के प्रमुख श्री कनक तिवारी भी उपस्थित रहे। कारेयक्रम की शुरूवात अतिथीयों के स्वागत से किया गया।
इस दौरान मुख्य वक्ता श्री दुबे जी नें हिन्दी पत्रकारिता के विभिन्न स्वरूपों के बदलते आय़ाम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हिन्दी पत्रकारिता के दो चरण रहें पहला पत्रकारिता का विकास राजनितिकरण से हुआ और दूसरा विकास के साथ औद्योगिकीकरण के साथ हुआ। उन्होने पत्रकारिता के शुरूवात के दशक को जानने के लिए उन्नींसवें दशक से पहले जाने की बात कही। साथ ही आरंभ के सालों में हुए शोध और लेखन कार्यों पर प्रकाश डाला और आजादी के बाद की पत्रकारिता के स्वरूप को बताया।
उन्होने आगे कहा कि पत्रकारिता की दिशा में इमरजेन्सी के दौरान राजनैतिककरण का प्रभाव देखने को मिला। आन्दोलनों के दौरान अखबारों की प्रसार संख्या में वृद्धि हो जाती थी और आन्दोलन समाप्त हो जाने के बाद प्रसार संख्या में कमी आ जाती थी। 80 के दशक में एक नया बदलाव देखने को मिला पाठकों की जरूरत अखबारों की जरूरत बनीं। हिन्दी पत्रकारिता जिस उछाल का इंतजार कर रही थी वह इस दौरान प्रारंभ हुई।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथी कनक तिवारी जी नें पत्रकारिता के साथ साथ स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति श्री डा. सच्चितानंद जोशी ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का आय़ाम जितना व्यापक है उतना ही वह रोचक है। तथा पत्रकारिता विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से से यह आशा की कि वे आगे चलकर हिन्दी पत्रकारिता में अपना योगदान देंगे।
कार्यक्रम का सफल संचालन जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डा. शाहिद अली नें और आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक राजेन्द्री मोहन्ती द्वारा किया गया। इस दौरान सभी विभाग के विभागाध्यक्ष और विद्यार्थी उपस्थित थे।



Tuesday, 4 December 2012



               सामाजिक परिवर्तन के लिए युवाओ की सहभागिता
                                        कार्यशाला दिनाक :- 29 नवम्बर से 3 दिसम्बर
                                    कार्यशाला  क्षेत्र    :-महाविधालय ( भानुप्रतापपुर )
                                                                सफल समापन
ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित  युवाओ में लेखन क्षमता को विकसित कर उनके आलेख के माध्यम से जनप्रतिनिधियो और नीति निर्धारको तक उनकी समस्याएं सामने रखकर समाज के विकास में अहम योगदान देने हेतु सामाजिक परिवर्तन के लिए युवाओ की सहभागिता  कार्यशाला का, वालिमकी महाविधालय भानुप्रतापपुर में औपचारिक समाप्ती का कार्यक्रम किया गया। जिसमें कार्यक्रम की अध्यक्षता कुषाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विष्वविधालय के कुलपति डा सचिचदानंद जोषी कर रहे थे। मुख्य अतिथि के रूप में समाचार चैनल जी 24 घण्टे छत्तीसगढ़ के संपादक अभय किषोर अांमत्रित थे। इसके साथ ही कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार आषा षुक्ला एवं महाविधालय के प्राचार्य अरूण कुमार भी थे। पूरे कार्यक्रम को स्थानीय जनमान्य नागरिको का तथा छात्र छात्राओ का सम्पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम की षुरूआत डा षाहिद अली के स्वागत भाषण से हुआ जिसमें उन्होने सभी अथितियो का स्वागत करते हुए उन्हे परियोजना के उददेष्यो से परिचित कराया तथा इस समापित को विकास की नर्इ षुरूआत के रूप में बताया।
इसके पष्चात स्थानीय महाविधालय के तथा विष्वविधालय के कुछ छात्र छात्राओ ने सभी लोगो से अपने परियोंजना संबधी सामान्य अनुभव को साझा किया। अपने अतिथि उदभोषण में अभय किषोर ने बताया के उन्हे इन छात्रो से मुलाकात कर उन्हें अपने षुरूआती दिनो की स्मृति आ गर्इ। जब उन्होने अपने पत्रकारिता जीवन की षुरूआत झारखण्ड से की थी। विधार्थियो के लिए उन्होने अपने संदेष में कहा कि वे सदा अपने आप को देष विदेष की नवीन जानकारी से परिपूर्ण रखे।
कार्यक्रम के अंतिम दौर में अध्यक्षीय उदभोषण देते हुए कुलपति डा जोषी ने बताया कि किसी एक व्यकित के बहुत विकास से सम्पूर्ण समाज के थोड़े विकास का होना ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस परियोजना का उददेष्य भी कुछ इसी तरह था। समाज के युवाओ को सामाजिक परिवर्तन हेतु प्रेरित करना। इसके पष्चात महाविधालय में विष्वविधालय के छात्र छात्राओ द्वारा एडस पर एक नुक्कड़ नाटक का प्रदर्षन किया गया जिसके पष्चात कुलपति डा जोषी ने एडस के प्रति जागरूकता हेतु रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके पष्चात परियोजना के इस सत्र की समापित की औपचारिक घोषणा की गर्इ। कार्यक्रम में मंच संचालन का कार्य विष्वविधालय के समाज कार्य विभाग के सहायक प्राध्यापक षिव सिंह बघेल कर रहे थे।
इसी क्रम में पहले दिन, छात्रो को एक नये देष की कल्पना कर उसे कागज पर उतारने को कहा गया। नये देष की रचना में सभी छात्रो को 4 समुह में बांटा गया। जहां पर अपनी अपनी सृजनात्मक्ता के आधार पर छात्रो ने कर्मभूमि,युरोटोपिया,स्वराज जैसे देष का निर्माण किया। जिसमें राष्ट्रीय झंडा , राष्ट्रीय पक्षी , राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय पषु , राष्ट्रीय फूल की रचना की गर्इ। जहा पर ये रचनाएं छात्रो के सृजनात्मक्ता को दर्षाती है वही पर स्वयं के संविधान के निर्माण में छात्रो की सामाजिक जागरूकता के प्रति भागीदारी भी झलकती है।  
     सामाजिक परिवर्तन के लिए युवाओ की भागीदारी के आधार पर युवाओ के द्वारा ही सामाजिक सहयोग दिया जाए तो विकास की आवाज में भी प्रबलता नजर आती है। इस प्रबलता के लिए आवष्यक है कि युवा स्वयं का आंकलन कर सके। इसी उददेष्य को ध्यान में रख कर छात्रो के द्वारा आत्म आंकलन का कार्य किया गया। जिसमें छात्रो ने कुछ मुलभुत सवालो में खुद का आंकलन प्रस्तुत किया।

Friday, 9 November 2012


                        परिवर्तन
        भानुप्रतापपुर महाविद्यालय में 5 दिवसीय कार्यशाला
कार्यशाला  में वॉल मैसेज
रायपुर। अपनी रचना के 12 वर्ष के समयाविधि में छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर में कर्इ परिवर्तन हुए है। परिवर्तन समाज का , परिवर्तन समाज के पहलुओ का, परिवर्तन व्यवहारिक , आर्थिक सांस्कृतिक धरोहर का। इन परिवर्तन में ज्यादातर भागीदारी युवाओ की देखी जाती है यह कहना कोर्इ अतिश्योक्ति नही है। इसी भागीदारी के एक प्रारूप की झलक देखने को मिली भानुप्रतापपुर के महर्षि वाल्मिकी महाविद्यालय में जहॉ पर 31 अक्टुबर से 4 नवंबर तक 5 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के जनसंचार समाजकार्य विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में युवाओ के सामाजिक भागीदारी जैसे विषयो पर बात की गर्इ। भागीदारी योजनाओ के प्रसार में, भागीदारी ग्रामीण जीवनशैली के विस्तार में, भागीदारी  समाज में जागरूकता के प्रचार में।
      अपनी इसी भागीदारी का निर्वाह करते हुए कार्यशाला में शिक्षा के अधिकार (आर टी र्इ) अधिनियम 2009 के बारे में जानकारी दी गर्इ। जिसके तहत छात्रो को इस अधिनियम में सम्मिलित बच्चो के  निशुल्क शिक्षा पद्धति, मुलभुत सुविधाएॅ जैसी जानकारी दी गर्इ ताकि इस अधिकार का पूर्ण रूप से विस्तार कर युवा वर्ग समाज में शिक्षा के स्तर को और ऊॅचा कर सके।
छात्रो द्वारा पंचायती राज का नाट्य 
समाजिक परिवर्तन में युवा भागीदारी को और बेहतर तरीके से समझने और समझाने के लिए जरूरी है कि उन समाजिक किरदारो को निभाया जाए। इसी प्रयास के तहत छात्रो के द्वारा पंचायती राज का एक नाट्य मंचन किया गया। जिसमें छात्रो के द्वारा निभाए गये सरपंच,अधिकारी ग्रामीण किरदार से आज उठने वाले कर्इ सवालो के जवाब मिलने लगे। इसी क्रम मे पंचायती राज से संबधित एक लघु फिल्म भी दिखार्इ गयी।
शिक्षा के अधिकार (आर टी र्इ) अधिनियम 2009 तथा पंचायती राज के नाट्य मंचन से साफ हुर्इ तस्वीर में ग्रामीण जीवनशैली के रंग डालने के लिए छात्रो के द्वारा दुर्गकोन्दल ब्लॉक से 10 किमी दुर दमकसा गॉव का भ्रमण भी किया गया जहॉ पर लोगो से पंचायती राज और आर टी र्इ से संबधित कर्इ जानकारी प्राप्त हुर्इ। योजना और उन योजनाओं के क्रियान्वन के पहलु में कर्इ ग्रामीणो की अनभिज्ञता उन योजनाओ के अधुरी कहानी को प्रस्तुत कर रहें थे। इस अधुरी कहानी में युवाओ की सहभागिता का निर्धारण करने हेतु आयोजित कार्यशाला में छात्रो के द्वारा कर्इ लेख प्रस्तुत किये गये। कुपोषण से ग्रस्त संघ्या हो या योजनाओ से अनभिज्ञ ग्रामीण। इन समाजिक विषयो को छात्रो  ने अपने लेख के माध्यम से चित्रित किया।
 दमकसा गॉव का भ्रमण
कार्यशाला में समाजिक पहलु पर चर्चा कर छात्रो नें कर्इ अनुभव जानकारी पार्इ जिसके आधार पर कार्यशाला के अंतिम दिन वॉल मैसेज बनाए गए। इस वॉल मैसेज में योजनाओ से संबधित कर्इ जानकारी शामिल की गर्इ। कुक्कुट योजना, मनरेगा, इंदिरा  आवास योजना आदि योजनाओ से वॉल मैसेज को पूरा कर छात्रो ने कार्यशाला के अनुभव जानकारी को प्रस्तुत किया।
5 दिवसीय कार्यशाला के समाप्ति के पश्चात् कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के जनसंचार समाजकार्य विभाग के मार्गदर्शन में भानुप्रतापपुर के छात्रो के द्वारा 2 दिवसीय राजधानी रायपुर का भ्रमण किया गया। जिसके क्रम में छात्रो ने जहॉ पर स्वामी विवेकानंद हवार्इ अड्डा, रायपुर क्रिकेट स्टेडियम तथा घासीदास संग्राहालय का भ्रमण किया वही पर जी 24 न्युज चैनल तथा नवभारत क्रोनिकल जैसे समाचार संस्थानो पर समाचार प्रकाशन की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।