Kushabhau Thakre University

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Friday, 9 November 2012


                        परिवर्तन
        भानुप्रतापपुर महाविद्यालय में 5 दिवसीय कार्यशाला
कार्यशाला  में वॉल मैसेज
रायपुर। अपनी रचना के 12 वर्ष के समयाविधि में छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर में कर्इ परिवर्तन हुए है। परिवर्तन समाज का , परिवर्तन समाज के पहलुओ का, परिवर्तन व्यवहारिक , आर्थिक सांस्कृतिक धरोहर का। इन परिवर्तन में ज्यादातर भागीदारी युवाओ की देखी जाती है यह कहना कोर्इ अतिश्योक्ति नही है। इसी भागीदारी के एक प्रारूप की झलक देखने को मिली भानुप्रतापपुर के महर्षि वाल्मिकी महाविद्यालय में जहॉ पर 31 अक्टुबर से 4 नवंबर तक 5 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के जनसंचार समाजकार्य विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में युवाओ के सामाजिक भागीदारी जैसे विषयो पर बात की गर्इ। भागीदारी योजनाओ के प्रसार में, भागीदारी ग्रामीण जीवनशैली के विस्तार में, भागीदारी  समाज में जागरूकता के प्रचार में।
      अपनी इसी भागीदारी का निर्वाह करते हुए कार्यशाला में शिक्षा के अधिकार (आर टी र्इ) अधिनियम 2009 के बारे में जानकारी दी गर्इ। जिसके तहत छात्रो को इस अधिनियम में सम्मिलित बच्चो के  निशुल्क शिक्षा पद्धति, मुलभुत सुविधाएॅ जैसी जानकारी दी गर्इ ताकि इस अधिकार का पूर्ण रूप से विस्तार कर युवा वर्ग समाज में शिक्षा के स्तर को और ऊॅचा कर सके।
छात्रो द्वारा पंचायती राज का नाट्य 
समाजिक परिवर्तन में युवा भागीदारी को और बेहतर तरीके से समझने और समझाने के लिए जरूरी है कि उन समाजिक किरदारो को निभाया जाए। इसी प्रयास के तहत छात्रो के द्वारा पंचायती राज का एक नाट्य मंचन किया गया। जिसमें छात्रो के द्वारा निभाए गये सरपंच,अधिकारी ग्रामीण किरदार से आज उठने वाले कर्इ सवालो के जवाब मिलने लगे। इसी क्रम मे पंचायती राज से संबधित एक लघु फिल्म भी दिखार्इ गयी।
शिक्षा के अधिकार (आर टी र्इ) अधिनियम 2009 तथा पंचायती राज के नाट्य मंचन से साफ हुर्इ तस्वीर में ग्रामीण जीवनशैली के रंग डालने के लिए छात्रो के द्वारा दुर्गकोन्दल ब्लॉक से 10 किमी दुर दमकसा गॉव का भ्रमण भी किया गया जहॉ पर लोगो से पंचायती राज और आर टी र्इ से संबधित कर्इ जानकारी प्राप्त हुर्इ। योजना और उन योजनाओं के क्रियान्वन के पहलु में कर्इ ग्रामीणो की अनभिज्ञता उन योजनाओ के अधुरी कहानी को प्रस्तुत कर रहें थे। इस अधुरी कहानी में युवाओ की सहभागिता का निर्धारण करने हेतु आयोजित कार्यशाला में छात्रो के द्वारा कर्इ लेख प्रस्तुत किये गये। कुपोषण से ग्रस्त संघ्या हो या योजनाओ से अनभिज्ञ ग्रामीण। इन समाजिक विषयो को छात्रो  ने अपने लेख के माध्यम से चित्रित किया।
 दमकसा गॉव का भ्रमण
कार्यशाला में समाजिक पहलु पर चर्चा कर छात्रो नें कर्इ अनुभव जानकारी पार्इ जिसके आधार पर कार्यशाला के अंतिम दिन वॉल मैसेज बनाए गए। इस वॉल मैसेज में योजनाओ से संबधित कर्इ जानकारी शामिल की गर्इ। कुक्कुट योजना, मनरेगा, इंदिरा  आवास योजना आदि योजनाओ से वॉल मैसेज को पूरा कर छात्रो ने कार्यशाला के अनुभव जानकारी को प्रस्तुत किया।
5 दिवसीय कार्यशाला के समाप्ति के पश्चात् कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के जनसंचार समाजकार्य विभाग के मार्गदर्शन में भानुप्रतापपुर के छात्रो के द्वारा 2 दिवसीय राजधानी रायपुर का भ्रमण किया गया। जिसके क्रम में छात्रो ने जहॉ पर स्वामी विवेकानंद हवार्इ अड्डा, रायपुर क्रिकेट स्टेडियम तथा घासीदास संग्राहालय का भ्रमण किया वही पर जी 24 न्युज चैनल तथा नवभारत क्रोनिकल जैसे समाचार संस्थानो पर समाचार प्रकाशन की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।